वैदिक कायाकल्प परिवार की उत्पत्ति


र्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज हमेशा वैदिक क्रियाओ द्वारा कायाकल्प करने के पक्षधर रहे। उन्होंने सिद्ध किया कि यौगिक क्रिया और रसायन के प्रयोग से शारीरिकशोधन पूर्वक देहस्थ तत्वों का परिष्कृत होकर देह में जो अद्भुत कान्ति, स्फूर्ति, अजरता, दिव्यता तथा लुप्त वैदिक विद्याओं का स्मृति में स्फुरण हो जाता है। उन्हीं के इस संकल्प की प्राप्ति के लिए उनके कृपा पात्र यज्ञ सम्राट वीरवर्ती पूज्य प्रबल जी महाराज संपूर्ण भारतवर्ष में वैदिक क्रियाओ द्वारा अनेकों यज्ञ किए जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान और विज्ञान द्वारा मानवता का कल्याण करना था। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गायत्री तपोनिस्ट श्री त्रिंबकेश्वर जी महाराज एवम श्री विद्या साधक डॉक्टर गुण प्रकाश चैतन्य जी महाराज अनवरत लगे हुए हैं। धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज हमेशा वैदिक क्रियाओ द्वारा कायाकल्प करने के पक्षधर रहे। उन्होंने सिद्ध किया कि यौगिक क्रिया और रसायन के प्रयोग से शारीरिकशोधन पूर्वक देहस्थ तत्वों का परिष्कृत होकर देह में जो अद्भुत कान्ति, स्फूर्ति, अजरता, दिव्यता तथा लुप्त वैदिक विद्याओं का स्मृति में स्फुरण हो जाता है।

प्रातः वंदनीय अनंत श्री विभूषित पूज्य स्वामी
श्री ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज



उन्हीं के इस संकल्प की प्राप्ति के लिए उनके कृपा पात्र यज्ञ सम्राट वीरवर्ती पूज्य प्रबल जी महाराज संपूर्ण भारतवर्ष में वैदिक क्रियाओ द्वारा अनेकों यज्ञ किए जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान और विज्ञान द्वारा मानवता का कल्याण करना था। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूज्य स्वामी श्री ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज एवम श्री विद्या साधक डॉक्टर गुण प्रकाश चैतन्य जी महाराज अनवरत लगे हुए हैं।

कोरोना महामारी में संपूर्ण विश्व महामारी से पीड़ित था जिस पर विश्व कल्याणनॉर्थ संतों ने संकल्प लिया और यमुनानगर हरियाणा की पावन धरा पर अमादलपुर स्थान पर पवित्र सूर्यकुंड मंदिर में वर्ष 2021 में महायज्ञ किया गया तथा घोषणा की गई कि वर्ष 2023 तक कोरोना के प्रभाव मुक्ति मिल जाएगी। प्राचीन सूर्यकुंड मंदिर से ही डॉक्टर गुण प्रकाश जी चैतन्य महाराज द्वारा यज्ञ अध्यात्म और विज्ञान है व जल बचाओ सृष्टि बचाओ का उ‌द्घोष किया गया।

श्री शिव पंचायतन प्रतिष्ठा महोत्सव 8 से 10 फरवरी 2023



28 सितंबर 2023 को प्रातः वंदन के समय डॉक्टर गुण प्रकाश जी चैतन्य महाराज को संतों के दर्शन हुए तथा उन्हें लोक कल्याणनाथ वैदिक क्रियाओ द्वारा कायाकल्प करने की प्रेरणा प्राप्त हुई तथा उपदेश मिला कि मानवता के कल्याण के लिए हर प्राणी को योगी भी बनाना है,

निरोगी भी बनाना है और मानवता के लिए उपयोगी भी बनाना है। इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए डॉक्टर गुण प्रकाश चैतन्य जी महाराज व पूज्य समर्थ श्री त्रिंबकेश्वर चैतन्य जी महाराज द्वारा वैदिक कायाकल्प परिवार की स्थापना की गई जिसका उद्देश्य भारतवर्ष की हर प्राणी को योगी भी बनाना है, निरोगी भी बनाना है और मानवता के लिए उपयोगी भी बनाना है यही वैदिक कायाकल्प परिवार का मूल मंत्र है।

वैदिक कायाकल्प परिवार वेदों


वैदिक कायाकल्प परिवार वेदों में नित्य अन्वेषण करता रहता है और उससे जो उपाय निकलकर आते है उसको समाज में बतलाया जाता है। जिसका परिणाम सुखद आत्मानुभूति कराने वाला होता है।
वेदों से समाधान ही परिवार का मुख्य प्रयोजन है। वेद में ऐसा कोनसा विषय है जिस समस्या का समाधान वेदों में बताया गया हो।
वेद ज्ञान राशि अनन्त है, ब्रह्मा जी की श्वासे है। अतः वैदिक ज्ञान निस्वार्थ भाव से आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हुआ आपका समाधान हेतु कृत संकल्प है।

मूल मंत्र :

मानव योगी भी हो, मानव निरोगी भी हो, और मानवता के लिए उपयोगी भी हो